5 Comments

  1. अंकित पटेल
    March 5, 2019 @ 10:15 pm

    वाह वाह

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  2. ध्यानेन्द्र सिंह राजावत
    July 18, 2019 @ 12:17 am

    हमारे वास्ते कोई दुआ मांगे, असर तो हो
    हकीकत में कहीं पर हो न हो आँखों में घर तो हो
    तुम्हारे दोस्ती की बातें सुनाते हैं ज़माने को
    तुम्हें खबरों में रखते हैं मगर तुमको खबर तो हो..

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  3. विजय
    December 20, 2019 @ 12:36 pm

    मेरी तकलीफ़ बया करती है मुझे है कितना क़्क़त का इंतजार
    बदले गा समय मेरे यार

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  4. विजय
    December 20, 2019 @ 12:40 pm

    किस्मत ने एक दिन हमसे
    पूछा तू नाराज़ किव रहता है
    मेने किस्मत से बोला तू खुश कब रहने देता है ।

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  5. विजय
    December 20, 2019 @ 12:55 pm

    छूट गए ओ शाथ जो कभी हमे
    चलना शिखाया करते थे
    अब तो चलते नही मगर किसमत चलाती है

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