7 Comments

  1. Sandeep
    October 8, 2018 @ 10:54 am

    Nice

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  2. Shivani gupta
    July 26, 2019 @ 11:51 pm

    Poem is very inspiring.

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  3. Ayush Arsh
    July 27, 2019 @ 12:12 pm

    Beautifully written

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  4. Gulam Nabi Ajad
    September 12, 2019 @ 9:47 am

    बिना दिल के जज्बात अधूरे हैं।।
    बिना धड़कन अहसास अधूरे हैं।।
    बिना साँसों के ख्वाब अधूरे हैं।।
    बिना आपके हम भी अधूरे हैं।।

    Reply

  5. डॉ.राजीव कुमार रावत
    September 18, 2019 @ 12:57 pm

    प्रिय

    कृपया संशोधन करें कि यह रचना हरिवंश राय बच्चन की नहीं हैं। इसके रचनाकार राष्ट्रकवि सोहन लाल द्विवेदी जी हैं।
    सादर
    डॉ राजीव कुमार रावत
    वरिष्ठ हिन्दी अधिकारी
    आईआईटी खड़गपुर

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  6. Satyendra Sharma
    October 6, 2019 @ 11:22 am

    Great article and thanks for sharing with us।।।।

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  7. Rohit Verma
    December 26, 2019 @ 11:08 pm

    Good

    Reply

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